इलाहाबाद HC ने अब्बास अंसारी की रासुका निरूद्धि को बताया अवैध, दिया तत्काल रिहाई का निर्देश – Allahabad HC termed Abbas Ansari NSA detention as illegal directed for his immediate release ntc


इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की चित्रकूट जेल में रासुका (NSA) के तहत निरूद्धि को अवैध करार दिया और उसके अन्य केस में वांछित न होने पर तुरंत रिहा करने का आदेश दिया. अदालत ने अब्बास अंसारी की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी विस्तारित हिरासत आदेश को रद्द करते हुए कहा कि मूल हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद राज्य के पास हिरासत अवधि बढ़ाने की कोई शक्ति नहीं थी. 

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने अब्बास अंसारी द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को इस टिप्पणी के साथ स्वीकार कर लिया कि उसे तुरंत रिहा किया जाए, जब तक कि किसी अन्य मामले में उसे हिरासत में लेने की आवश्यकता न हो. अंसारी को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3(2) के तहत चित्रकूट जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पारित 18 सितंबर, 2023 के आदेश के तहत हिरासत में लिया गया था.

राज्य सरकार ने 2 नवंबर, 2023 को इसकी पुष्टि की थी और अब्बास अंसारी को प्रारंभिक हिरासत आदेश की तारीख यानी 18 सितंबर, 2023 से तीन महीने की अवधि के लिए हिरासत में लिया गया था. अंसारी की हिरासत को 11 दिसंबर, 2023 को प्रारंभिक हिरासत की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए फिर से बढ़ा दिया गया था. वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर मिश्र व अभिषेक मिश्र ने अदालत में अब्बास अंसारी का पक्ष रखा.

उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष अपनी दलील में कहा कि राज्य सरकार को उनके मुवक्किल को अगले तीन महीने तक हिरासत में रखने के अपने पहले के आदेश पर पुनर्विचार करने का कोई अधिकार नहीं था. कोर्ट ने इस तर्क को सही माना और कहा कि अंसारी की हिरासत बढ़ाने का राज्य सरकार का आदेश अवैध था और उसके 11 दिसंबर के आदेश को रद्द कर दिया. साथ ही अब्बास अंसारी की तत्काल रिहाई का आदेश दिया है. 

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