गोगामेड़ी की हत्या के दोनों आरोपी चंडीगढ़ से गिरफ्तार, जयपुर में 17 गोलियां मारकर ली थी जान – Sukhdev Singh Gogamedi murder accused arrested from chandigarh sector 22 ntc 


राजस्थान में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी (Sukhdev Singh Gogamedi) की हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को राजस्थान पुलिस और दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने चंडीगढ़ सेक्टर 22 A से गिरफ्तार किया है. आरोपियों का नाम रोहित राठौर और नितिन फौजी है. पुलिस ने उदय नाम के एक और लड़के को गिरफ्तार किया है, जिसकी भूमिका की जांच हो रही है. पुलिस की टीम सभी को जयपुर लेकर जाएगी. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जयपुर में उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पूरी वारदात में कुल 17 बार फायरिंग की गई थी.

हत्या करने के बाद हथियारों को छुपा दिया
शूटर्स ने हत्या करने के बाद हथियारों को छुपा दिया था. ताकि भागते समय ट्रेन या बस में चेकिंग के समय न पकड़े जा सके. आरोपी, पुलिस को उस जगह पर ले जाकर हथियार भी मुहैया करवा सकते हैं. आरोपी शूटर्स फरारी के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस आरोपियों तक टेक्निकल सर्विलांस के जरिए पहुंची. जब पुलिस आरोपियों के पास पहुंची तो तीनों साथ थे, जिसके बाद इनको गिरफ्तार किया गया. शूटर्स गैंगस्टर रोहित गोदारा के राइट हैंड वीरेंद्र चाहन और दानाराम के सम्पर्क में थे. वीरेंद्र चाहन और दानाराम के इशारे पर हत्या को अंजाम दिया गया था. पुलिस इन दोनों को गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटी है. हत्या करने के बाद दोनों शूटर्स वीरेंद्र चाहन और दानाराम से लगातार बात कर रहे थे.

पत्नी ने की एनकाउंटर की मांग
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने कहा है कि राजस्थान पुलिस पति की हत्या करने वालों का एनकाउंटर कर दे. उन्होंने कहा कि अगर एक आवाज लगा दी तो हालात खराब हो जाएंगे. इसलिए 72 घंटों में आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया जाए, नहीं तो पूरे देश में उग्र आंदोलन किया जाएगा.

बीते दिनों शीला शेखावत ने बातचीत में कहा था कि एक शेर को धोखे से घर में घुसकर मारा है. हमें इसका इंसाफ चाहिए. अपराधियों का एनकाउंटर होना चाहिए, इसके अलावा मेरी कोई मांग ही नहीं है. मेरी पहली और आखिरी मांग एनकाउंटर ही है. अगर हमारी मांगें सुनी जाती हैं तो ठीक है, वर्ना अपने तरीके से समझाना हमें भी आता है. पहले मेरे पति ने समझाया था, अब मैं समझाऊंगी. शीला ने कहा कि हमने कई बार प्रशासन को बताया था कि हमारे पति को खतरा है. धमकियां दी जाती थीं, कई बार लेटर जारी किए जाते थे.

शीला शेखावत ने कहा कि मैंने कई बार प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी. सुरक्षा की मांग को लेकर हमने साल 2016 में आंदोलन भी किए थे, लेकिन इसके बावजूद सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. इस मामले में सरकार ने सरासर अनदेखी की है. सरकार की ओर से अगर हमें सुरक्षा मिल गई होती तो ये इतना पड़ा कांड नहीं होता.

शीला ने कहा का राजनीति का तो मुझे नहीं पता, लेकिन ये जो षड्यंत्र है, इसमें बड़े बड़े लोग शामिल हैं. जिस दिन इस मामले का चिट्ठा खुलेगा, उस दिन सब सामने आ जाएगा. शीला शेखावत ने कहा कि अब तक मेरे पति सुखदेव सिंह श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के माध्यम से गरीबों का साथ देते थे, अब मैं लोगों के साथ करणी सेना के माध्यम से उनके सुख दुख में खड़ी रहूंगी.

जयपुर में की गई थी गोगामेड़ी की हत्या
बता दें कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जयपुर में उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे रोहित गोदारा ने ली. हत्या के आरोपी रोहित राठौर और नितिन फौजी सुखदेव सिंह के घर पहुंचे थे. रोहित राठौर राजस्थान के अलवर का रहने वाला है, जबकि, नितिन फौजी हरियाणा के महेंद्रगढ़ का निवासी है. नितिन सेना में सिपाही है. उसकी पोस्टिंग राजस्थान के अलवर में है. 8 नवंबर को वह दो दिन की छुट्टी लेकर घर पहुंचा था, लेकिन इसके बाद उसने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की.

कब चर्चा में आए थे सुखदेव सिंह गोगामेड़ी
2017 में जयगढ़ में फिल्म पद्मावत की शूटिंग हो रही थी, उस वक्त राजपूत करणी सेना के लोगों ने काफी विरोध किया था. गोगामेड़ी फिल्म पद्मावत और गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर मामले के बाद राजस्थान में हुए विरोध प्रदर्शन के चलते सुर्खियों में आए थे. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे.

करणी सेना का गठन 2006 में हुआ था. लोकेंद्र सिंह कालवी ने एक अलग संगठन राजपूत करणी सेना बनाया. साल 2012 में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को श्री राजपूत करणी सेना का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन बाद में कालवी और गोगामेड़ी के बीच विवाद हो गया. सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने 2017 में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से एक अलग संगठन बनाया था.

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