रामलला के लिए छप्पन भोग की विशेष थाली, प्राण प्रतिष्ठा के लिए तैयार की गई ‘तुलसी की मिठाई’ – ramlalla pran pratishtha Special Chhappan bhog thali ntc


अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में अब कुछ ही घंटों का समय शेष रह गया है. ऐसे में रामलला की छप्पन भोग थाली अयोध्या पहुँच गयी है. छप्पन भोग थाली में 56 तरह के व्यंजन हैं. इसे चाँदी की कटोरियों में रखा गया है जिस पर नक़्क़ाशी से श्रीराम नाम लिखा हुआ है.

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियाँ पूरी हो गयी हैं. इस अवसर कर ख़ास तौर पर तैयार छप्पन भोग थाली भी अयोध्या पहुँच गयी है. लखनऊ में सौ साल से भी ज़्यादा पुरानी दुकान और हर साल रामलला के लिए छप्पन भोग थाली अर्पित करने वाले मधुरिमा स्वीट्स ने ये थाली तैयार करवाई है. थाली शुक्रवार शाम को रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को सौंप दी गयी. रामलला के लिए छप्पन भोग की थाली विशेष है और इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि इसमें जो मिठाई और व्यंजन हैं वो जल्दी ख़राब न हों.

सबसे ख़ास है ‘तुलसी की मिठाई’
रामलला की छप्पन भोग की थाली में हर प्रकार की मिठाई है. रसगुल्ला, गुलाब जामुन, इमरती के साथ कई तरह के लड्डू, बर्फ़ी और पेड़े हैं. लेकिन इस थाली में कई ऐसी मिठाइयाँ हैं जो स्वाद के साथ ही अपनी विशिष्टता लिए हुए है. ख़ास तौर पर ‘तुलसी की मिठाई’ जो प्रभु श्रीराम लला के लिए ही तैयार की गयी है. राम भगवान विष्णु के अवतार हैं. विष्णु को तुलसी सबसे ज़्यादा प्रिय है. ऐसे में पवित्र तुलसी पत्ती से मिठाई बना कर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में अर्पित करने के लिए भेजा गया है. इसके अलावा अदरक का हलवा और अंजीर का विशेष व्यंजन भी है.

मधुरिमा स्वीट्स यूँ तो 100 साल से भी ज़्यादा समय से लखनऊ में मिठाइयों के लिए जाना जाता है पर राम मंदिर के साथ इसका जुड़ाव रामलला के टेंट से अस्थाई मंदिर में शिफ़्ट होने के साथ शुरू हुआ. प्रतिष्ठान के सृजल गुप्ता बताते हैं कि ‘प्रति वर्ष 1 जनवरी को साल के पहले दिन हम लोग छप्पन भोग की थाली रामलला को अर्पित करते हैं. इस बार जब थाली अर्पित करने पहुँचे तो मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जी ने इस बात के लिए प्रेरित किया कि प्राण प्रतिष्ठा के विशेष दिन भी प्रभु श्रीराम को छप्पन भोग अर्पित किया जाए. इसलिए बहुत सोच कर ये विशेष थाली तैयार की गयी है जो अब तक नहीं बनी थी.’ सृजल गुप्ता ने थाली आचार्य सत्येंद्र दास को सौंपते हुए बताया कि पूरी शुद्धता और नियम के साथ इस भोग को थाली को तैयार किया गया है.

चाँदी की कटोरियों में नक़्क़ाशी से लिखा है श्रीराम
रामलला को प्राण प्रतिष्ठा के दिन ये थाली अर्पित की जाएगी. इसे देखते हुए चाँदी की कटोरियों में मिठाइयों और व्यंजनों को पैक किया गया है. इन कटोरियों को ख़ास तौर पर तैयार किया गया है और इनमें नक़्क़ाशी से श्रीराम लिखा गया है. छप्पन भोग की थाली के चाँदी की कटोरियाँ हैं जिन पर राम का नाम लिखा हुआ है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर देश भर से लोग सामान और उपहार भेज रहे हैं. मेहंदीपुर बालाजी ट्रस्ट की ओर से प्रसाद के बाँटने के लिए 1 लाख 51 हज़ार लड्डू के डिब्बे आए हैं. हर डिब्बे में दो लड्डू हैं जिनका वजन 500 ग्राम है.

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