Noida: रावण के ऐतिहासिक मंदिर में स्थापित की गई भगवान राम मूर्ति – Noida Lord Ram idol installed in historical temple of Ravana ntc


22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साथ-साथ नोएडा के एक मंदिर में भी पहली बार भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की प्रतिमा स्थापित की गई है. इस पौराणिक मंदिर में लंकापति रावण की पूजा की जाती है और ये पहला मौका है. जब भगवान की प्रतिमा को मंदिर में प्रवेश मिला है.

रावण मंदिर के मुख्य पुजारी महंत रामदास ने पीटीआई को बताया, आज पहली बार मंदिर परिसर के अंदर भगवान राम के साथ-साथ सीता जी और लक्ष्मण जी की मूर्तियां पूरे अनुष्ठान के साथ स्थापित की गई हैं. ये सभी मूर्ति राजस्थान से लाई गई हैं. बिसरख रावण का जन्म स्थान है. यह रावण के पिता विश्रवा के साथ-साथ विभीषण, कुंभकरण का भी जन्म स्थान है.

‘नहीं जलाया जाता रावण का पुतला’

40 सालों से मंदिर में सेवा कर रहे पुजारी ने कहा कि बिसरख वह स्थान है जहां रावण (पुतला) नहीं जलाया जाता है. उसकी पूजा की जाती है. यहां के लोग उसका सम्मान करते हैं, क्योंकि वह इस भूमि का पुत्र था और वह यहां के स्थानीय लोगों का पूर्वज है. वह बहादुर ब्राह्मण योद्धा थे, जिसके कारण उनका नाम आज भी प्रासंगिक है. हालांकि, प्राचीन मंदिर में रावण की कोई मूर्ति नहीं है, उसके जीवन की कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं मंदिर परिसर की दीवारों पर उकेरी गई हैं. नक्काशी में रावण के परिवार के सदस्यों को भी दिखाया गया है.

महंत राम दास ने कहा, इस विजयादशमी पर हमें उम्मीद है कि हम यहां भगवान राम की मूर्ति के बगल में रावण की मूर्ति स्थापित करेंगे. दोनों की एक साथ पूजा की जाएगी.

‘प्यार से कहते हैं रावण को दादा’

स्थानीय लोगों ने कहा कि रावण में भी कई अच्छे गुण थे. जैसे हम लोगों में भी अच्छे और बुरे दोनों गुण होते हैं. यह हमारे लिए एक सबक है कि अच्छे गुणों को हमेशा आत्मसात करना चाहिए, चाहे वह राम के जीवन से हो या रावण के हो. साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे गांव में रावण को प्यार से रावण दादा भी कहते हैं.

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