PM कुसुम किसान योजना के तहत किसानों को मिलेंगे सोलर पंप, जानें कैसे करें आवेदन – government distribute solar pump in up under pm kusum kisan yojana how to apply sslbsa


यूपी सरकार किसानों को अब PM कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप बांटने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. कुसुम योजना के तहत किसान 16 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. इस योजना का लाभ कृषि विभाग ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर देगा. योजना का लाभ उठाने वाले किसानों का यूपी सरकार के कृषि विभाग में पंजीकृत होना अनिवार्य है. 

जानें क्या है कुसुम योजना?
PM कुसुम योजना के तहत, जिन क्षेत्रो में बिजली की व्यवस्था नहीं होती और जहां किसान खेतों को सिंचाई करने के लिए डीजल पम्प का उपयोग करते हैं या अन्य तरीके से खेतों में सिंचाई करते हैं, उनको सरकार इस योजना के अंतर्गत सोलर पंप में परिवर्तित करने की तैयारी कर रही है. जिन किसानों के क्षेत्र में सोलर पंप लगाए जाएंगे, उनके द्वारा लिए गए बिजली कनेक्शन को काट दिया जाएगा. साथ ही ट्यूबवेल में सोलर पंप लगने के बाद उन्हें भविष्य में बिजली कनेक्शन भी नही दिया जाएगा. 

योजना का लाभ लेने के लिए करवाएं पंजीकरण
प्रेस नोट के मुताबिक, इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों का कृषि विभाग की वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर पंजीकरण होना अनिवार्य है. इसके साथ ही वेबसाइट पर सोलर पंप की बुकिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किए जाएंगे. 

पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा वितरण
किसानों की बुकिंग जिले की लक्ष्य सीमा से 110% तक पहले आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर की जाएगी. किसानों को ऑनलाइन बुकिंग के साथ 5000 रुपये की टोकन मनी जमा की जाएगी. टोकन मनी के एक हफ्ते में कन्फर्म होने के बाद किसानों को अंश की बची धनराशि का ऑनलाइन टोकन जनरेट कर चालान द्वारा इंडियन बैंक की किसी भी शाखा में या ऑनलाइन जमा करना होगा. जमा ना करने की स्थिति में किसानों का आवेदन अपने आप ही निरस्त हो जाएगा. साथ ही टोकन मनी की धनराशि भी जप्त कर ली जाएगी.
 
अनुदान का लाभ पाने के लिए 3 और 5 HP के लिए 6 इंच वहीं 7 और 10 HP के लिए 8 इंच की बोरिंग होनी अनिवार्य है. किसान को खुद बोरिंग करवाना पड़ेगा. सत्यापन के समय बोरिंग ना होने की स्थिति में टोकन मनी की राशि जप्त कर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा. किसान सोलर पंप स्थापित होने के बाद स्थान नही बदल सकेंगे. 

कितनी है धनराशि और कितना मिलेगा अनुदान?
प्रेस नोट के मुताबिक, 3 HP DC समर्सिबल पम्प की कीमत 232721 रुपये है, जिसमे किसानों को सरकार की तरफ से 139633 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. साथ ही किसानों को 5000 रुपये की टोकन मनी के साथ 88088 रुपये देना पड़ेगा, इनके वितरण का लक्ष्य 270 है. इसी प्रकार 3HP AC समर्सिबल पम्प की कीमत 230445 रुपये है और 138267 का अनुदान मिलेगा. इसके लिए 5000 रुपये टोकन मनी के साथ 87178 रुपये देना पड़ेगा. इनके वितरण का लक्ष्य 161 है.

इसी प्रकार 5HP AC समर्सिबल पम्प की कीमत 327498 रुपये है, जिसमें 196499 रुपये का अनुदान मिलेगा. इसके लिए 5000 रुपये टोकन मनी के साथ 125999 रुपये देना होगा. इनके वितरण का लक्ष्य 200 है. 7.5 AC समर्सिबल पम्प की कीमत 444094 रुपये, जिसमे अनुदान 266456 रुपये है और 5000 रुपये टोकन मनी के साथ 172638 रुपये देना होगा. इनके वितरण का लक्ष्य 40 है. वहीं 10 HP AC समर्सिबल पम्प की कीमत 557620 रुपये है, जिसमे अनुदान 266456 रुपये मिलेगा और 5000 रुपये टोकन मनी के साथ 284164 रुपये किसानों को देना होगा. इनके वितरण का लक्ष्य 10 है. ये पैसे सीधे किसानों के खाते में आएंगे. 

उपकृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि कुसुम योजना का लाभ लेने के लिए किसान 16 जनवरी से कृषि विभाग की वेबसाइट में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस योजना में पहले आओ पहले पाओ का सिद्धांत लागू होगा. सभी पम्प की कीमत भी दी गई है. वहीं अनुदान की राशि प्रक्रिया के बाद किसानों के खाते में आएगी. नियम और शर्तो को पूरा करने के बाद किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा.
 

Leave a Comment